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Monday, 12 April 2021

अब तीसरी वैक्सीन को भी मिली मंजूरी

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रूसी वैक्सीन SPUTNIK V के इमरजेंसी इस्तेमाल को भारत सरकार ने दी मंजूरी

आज देश में कोरोना संक्रमितों के एक ही दिन में रिकॉर्ड 1 लाख 70 हजार के करीब नये मामले सामने आये हैं; जबकि इसकी वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता के सरकारी दावों के बावजूद लोगों को टीके लगवाने की रफ्तार बहुत धीमी है क्योंकि सरकार द्वारा पिछले दिनों काफी समय मिलने के बावजूद न तो वैक्सीन का भंडारण किया गया और न ही अब आवश्यकतानुसार उत्पादन हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खुद को विश्वनेता साबित करने की सनक के कारण उनकी सरकार विदेशों को वैक्सीन या तो मैत्री भेंट में मुफ्त लुटाती रही या फिर बेचती रही। जबकि देश में लोगों को इसकी भारी जरूरत रही है।

भारत में बिल गेट्स की मदद से  सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तथा ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजैनेका द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित कोविशील्ड और भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन को तीसरे चरण के परीक्षण की सेफ्टी डेटा मॉनिटरिंग बोर्ड (DSMB) और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) द्वारा फटाफट इजाजत दे दी गई लेकिन रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V को इस वर्ष 12 जनवरी तक नहीं दी गई। इस फेज के अच्छे नतीजे आने के बाद ही वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल की इजाजत दी जाती है। इसके अभाव में वैक्सीन का व्यापक स्तर पर निर्माण नहीं किया जा सकता था।

भारत में रूस की स्पूतनिक V वैक्सीन हैदराबाद की डॉक्टर रेड्डी लैबोरेट्रीज के साथ मिलकर ट्रायल कर रही थी। इससे पहले इस वैक्सीन का रूस में 10 लाख से ज्यादा और अर्जेटीना के 3 लाख से अधिक लोगों पर ट्रायल भी किया जा चुका था।

रसियन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड (RDIF) ने डॉ. रेड्डीज के साथ सितंबर 2020 में भारत में स्पुतनिक वी का क्लीनिकल ट्रायल किया था। स्पुतनिक-वी की वेबसाइट के अनुसार, रूसी वैक्सीन की 91.6% की प्रभावकारिता है और यूएई, भारत, वेनेजुएला और बेलारूस में इसका तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल किया जा रहा है।

अब जबकि भारत में एक ओर कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि होती जा रही है और दूसरी तरफ वैक्सीन के लिए हाहाकार मच गया, तब मोदी सरकार ने 'टीका उत्सव' जैसी कोरी लफ्फाजी के पीछे चेहरा छिपाने की नाकाम कोशिश शुरू कर दी। लेकिन बकरे की मां कब तक खैर मनाती? अस्पतालों में बढ़ती मरीजों की संख्या और उनके तीमारदारों द्वारा अस्पताल व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मारपीट जैसे उग्र व्यवहार की बढ़ती घटनाओं के बीच सरकार द्वारा रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई है। यह भारत को कोविड-19 के खिलाफ तीसरी वैक्सीन मिली है। 

रसियन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड (RDIF) ने डॉ. रेड्डीज के साथ सितंबर 2020 में भारत में स्पुतनिक वी का क्लीनिकल ट्रायल किया था और यूएई, वेनेजुएला और बेलारूस में इसका तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी मिलने के दौरान हैदराबाद की डॉ. रेड्डीज लैब द्वारा एक बयान जारी कर इस वैक्सीन की खासियत बताई है। यह वैक्सीन भारत निर्मित है। स्पुतनिक-वी की वेबसाइट के अनुसार यह वैक्सीन 91.6 फीसदी प्रभावी बताई गई है, जो मॉडर्ना और फाइजर के बाद सबसे अधिक है। 

आज सोमवार को एक्सपर्ट कमेटी ने स्पुतनिक-V को अपनी तरफ से मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब डीजीसीआइ की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद इस तीसरी वैक्सीन से टीकाकरण का काम शुरू हो जायेगा। इस वैक्सीन को अभी तक दुनिया के 59 देशों में मंजूरी मिल गई है।

इससे पहले भारत सरकार ने कोविशील्ड और भारत बॉयोटेक की कोवैक्सिन को मंजूरी दी थी। बीते सप्ताह कई राज्यों से खबर आई थी कि उनकी वैक्सीन खत्म हो गई हैं। ऐसे में टीके की मांग के अनुसार टीके का उत्पादन नहीं हो रहा था। इसी कमी के चलते तीसरी वैक्सीन को मंजूरी दी गई है।

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