"खटीमा (उत्तराखंड) से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र"

BREAKING NEWS:-देवभूमि का मर्म आपका हार्दिक स्वागत करता है

Sunday, 7 May 2017

निजी स्कूलों को भी लगा यह पुराना रोग

No comments :

एक समय में सरकारी स्कूलों के शिक्षको पर आरोप लगते थे कि वे बच्चो को स्कूल में ठीक से न पढ़ाकर घर पर ट्यूशन लेने के मजबूर करते है ,बदलते दौर में यह रोग निजी स्कूलों को भी लग चूका है प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक बच्चों को ट्यूशन पड़ने को मजबूर कर रहे है और बच्चों को विवश होकर ट्यूशन पढ़ना पड़ रहा है। विकासखण्ड में एक दर्जन से अधिक निजी विद्यालय संचालित हो रहे है। जहां काॅन्वेंट स्कूलों के शिक्षक बच्चों पर अनावश्यक दबाव बना कर घरों में चोरी छिपे ट्यूशन पढ़ा रहे है तथा स्कूल प्रबंधन को जानकारी होने के बावजूद टीचरों पर अकंुश नहीं लगाया जा रहा है। क्षेत्र में आधा दर्जन काॅन्वेंट स्कूल में 12वीं तक साइंस व कार्मस के है। इन स्कूलों के शिक्षक स्कूल से ज्यादा घरों में बच्चों को पढ़ाने में दिलचस्पी रखते है और फीस के रूप में मोटी रकम वसूल रहे है। सूत्रों के अनुसार शिक्षक कक्षा में बच्चों को घर आकर पढ़ने व न पढ़ने पर परीक्षा व प्रयोगात्मक परीक्षाओं में अच्छे अंक न देने का डर दिखाकर बच्चों को घरों में ट्यूशन पढ़ने को मजबूर करते हैं। ट्यूशन पढ़ने का दबाव पहले अक्सर सरकारी सकूल के शिक्षकों पर लगते रहते थे, लेकिन सरकार व शिक्षा विभाग के दबाव व ट्यूशन न पढ़ाने के आदेश के बाद काफी हद तक बंद तो हुआ पर प्राइवेट काॅन्वेंट स्कूल के शिक्षकों के घरों में कमरा लेकर कोचिंग में पढ़ाना आम बात हो गई है। बीईओ सोनी मेहरा ने कहा कि ट्यूशन के लिए सरकारी स्कूल के शिक्षकों को ट्यूशन न पढ़ाने के स्पष्ट दिशा-निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों के ट्यूशन न पढ़ाने का अनुरोध स्कूल प्रबंधन से किया जायेगा व स्कूलों में ही अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया जायेगा।

No comments :

Post a Comment