"खटीमा (उत्तराखंड) से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र"

BREAKING NEWS:-देवभूमि का मर्म आपका हार्दिक स्वागत करता है

Monday, 22 May 2017

काश्तकारों की दो टूक बिना मुआवजा मिले नहीं बनने देंगे सड़क

No comments :
नेशनल हाईवे बाईपास निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व मुआवजा नही मिलने से भड़के काश्तकारों ने तहसील में प्रर्दशन कर एसडीएम का घेराव किया। रविवार को पहेनिया से कुटरी तक प्रस्तावित एनएच बाईपास का निर्माण कार्य शुरू किया गया। बिना मुआवजा दियेे निर्माण कार्य शुरू कराये जाने से बाईपास की जद मंे आ रहे काश्तकार भड़क उठें। सोमवार को काश्तकार व पुर्व सैनिको ने विधायक पुष्कर सिंह धामी से मिलकर सरकार द्वारा मुआवजा दिये बिना निर्माण कराने की बात कही। उक्त मामले को लेकर तहसील पहंुचे विधायक धामी ने एसडीएम से मामले की जानकारी ली। पहेनिया से कुटरी तक बनने वाले बाईपास में काबिज काश्तकारों को मुआवजे न मिलने के चलते काश्तकारों के विरोध के कारण बाईपास निर्माण कार्य पिछले दो सालों से अधर में लटका हुआ था। भूमि के मुआवजे को लेकर स्थानीय प्रषासन, एनएच अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के बीच कई बार बैठक भी आयोजित की गई। लेकिन भी कोई हल नहीं निकला। वही भूमि बिक्री करने वाले व भूमि पर काबिज काश्तकारों से आपसी सहमति से निपटाने के भी प्रयास किये गये। लेकिन आपसी सहमति न बनने पर निर्माण कार्य शुरू नही हो सका। रविवार को बाईपास निर्माण कार्य शुरू होते ही काश्तकार मुआवजा न मिलने की बात कहते हुए निर्माण कार्यों का विरोध शुरू कर दिया। पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष कुंवर सिंह खनका ने कहा कि एनएच की जद मंे आने वाले भूमि पर काबिज काश्तकारों को मुआवजा न देकर सरकार क्षेत्र मंे थारू भूमि पर काबिज गैर थारू काश्तकारों को बेघर करना चाहती है। उन्हांेने कहा कि अधिकांश पूर्व सैनिको ने अपनी जिन्दगी भर की कमाई से आवश्कता अनुसार जनजाति से भूमि खरीदी और अपना गुजर-बसर कर रहे है। सरकार यदि भूमि का मुआवजा नही देेगी तो पूर्व सैनिक बेघर हो जायेगें। उन्होंने बाईपास निर्माण से पूर्व काबिज काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की। विधायक धामी ने एसडीएम शुक्ल से मामले का हल निकालने के निर्देश दिये। एसडीएम शुक्ल ने कहा कि निर्माण कार्य शुरू होते ही मुआवजा दिये जाने की कार्रवाई शुरू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि किसी काश्तकार के साथ अन्याय नही होने दिया जायेगा। घेराव करने वालों मे दिवान सिंह सैला, कमान सिंह कार्की, मानी चन्द, पुरन जोशी, मोहन जोशी, शेर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, पुरन सिंह, जगत सिंह अन्ना, किशन सिंह आदि थे।

No comments :

Post a Comment