"खटीमा (उत्तराखंड) से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र"


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Saturday, 15 April 2017

पत्रकार सी एम के राज में भी पत्रकारों से अवांछितों सा व्यवहार

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पत्रकारों के सम्मान व सुरक्षा के लिए भले ही भाजपा की महाराष्ट्र सरकार ने विधेयक पारित कर दिया हो ,उत्तर प्रदेश के भाजपा के ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पत्रकारों के सम्मान व सुरक्षा के लिए निर्देश जारी किये हों लेकिन उत्तराखंड बांकी भाजपा शासित राज्यों से अलग है, एक पत्रकार मुख्यमंत्री के सत्ता में होने के बावजूद
यहाँ सरकारी अधिकारियो व मंत्रियो के कार्यक्रम में पत्रकारों को बैठने तक की जगह तक नसीब नहीं होती और इसकी वावत पत्रकारों की शिकायत सुनना भी किसी को गवारा नहीं,दो दिन पूर्व खटीमा पहुंचे सहकारिता मंत्री के कार्यक्रम में पत्रकार दीर्घा में भाजपाइयों के कब्जे के चलते एक कोने में खड़े होकर कवरेज कर चुके पत्रकारों ने आज एस एस पी के खटीमा में आयोजित जनता दरबार में भी बैठने का स्थान न मिलने पर नाराजगी जाहिर की तो इंस्पेक्टर ने दो टूक कह दिया कि पत्रकार चाहे तो इस बात की शिकायत एस एस पी से कर दें,हालाँकि नाराज पत्रकारों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर बाद में कोतवाली गेट पर ही एस एस पी से सवाल जबाब किये लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद सरकारी कार्यक्रमों में अवांछित तत्वों की तरह व्यवहार होने से पत्रकार आहत दिखे .इससे पूर्व एसएसपी ने कोतवाली में जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं को सुना और उनका निस्तारण करने का आश्वासन दिया। शनिवार को एसएसपी सदानंद दाते अपराहन 4 बजे कोतवाली खटीमा पंहुचे। जहां उन्होंने जनता दरबार में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियांे, ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने नगर में लगने वाले जाम से निजात दिलाने, बाहरी व्यक्तियों को ई-रिक्शा नगर में नहीं चलाने, भूमि-विवाद, शराब बंद, ओवर लोड, अवैध खनन, चोरियों का खुलासा करने आदि समस्याएं रखते हुए उनका निस्तारण करने की मांग की। एसएसपी दाते ने कहा कि जनता दरबार में आई समस्याओं का निस्तारण करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शुभम हत्याकाण्ड मामले की जांच करने, दुध डेयरी से चोरी हुए 8 टन देशी घी के मामले में डेढ़ माह में फाइनल रिपोर्ट लगाकर चार्जशीट दाखिल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि थारू व गैर थारू भूमि विवाद पर विवाद के मामले में पुलिस हस्तक्षेप नहीं करेंगी तथा वादी न्यायालय के माध्यम सुलझाये। दाते ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा संवेदनशील है तथा यूपी से भी लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि एसएसबी से सामजस्य बनाकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जायेगी। उन्होंने में क्षेत्र में हुई चोरियों का खुलासा जल्द करने की बात कही और झनकईया थाने के अन्तर्गत मिली महिला की लाश की शिनाख्त नहीं हो पाई है तथा जांच जारी है। इस दौरान विधायक पुष्कर सिंह धामी, व्यापार मण्डल अध्यक्ष अरूण सक्सेना, कुंवर सिंह खनका, तरूण ठाकुर, महेन्द्र सिंह, सतीश गोयल, नंदन सिंह खड़ायत, पूरन जोशी, संदीप राणा, सतीश भट्ट, रमेश जोशी, जितेन्द्र सिंह, मनोज बाधवा, वरिन्दर महरोक, भीम सिंह ज्याला, लालू बोरा, डा0 इलियास सिद्दीकी, अधिवक्ता कविन्द्र कफलिया, अधिवक्ता साबिर अली आदि मौजूद थे।

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