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Sunday, 2 April 2017

केन्द्र सरकार द्वारा पर्वतीय राज्यों के लिये औधोगिक पैकेज दिये जाने पर नीति आयोग दिल्ली मे गोष्ठी

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भारत सरकार वाणिज्य एवं उघोग मंत्रालय, औघोगिक नीति एवं सम्वर्द्घन विभाग द्वारा हिमालयी राज्यों के लिए नई औघोगिकनीति के रोडमैप के परीक्षण व सुझाव हेतू एक अहम बैठक नीति आयोग के चेयरमैन श्री अमिताम कान्त की अघ्यक्षता मे नीति आयोग के सभागार संसद मार्ग नई दिल्ली मे हूई। इस बैठक मे जम्मू कश्मीर, हिमाचल व उतराखड के अघिकारी व औघोगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उतराखंड के मुख्य सचिव श्री रामास्वामी व प्रमुख सचिव मनीषा पंवार की उपस्थिति को केन्द्र सरकार के वरिष्ट अघिकारियों ने उतराखड को औघोगिक विकास के प्रति गंम्भिर होने पर बहुत अधिक सराहना की व गोष्ठी की शुरूआत उतराखड मुख्य सचिव के द्वारा अपने सुझाव रखने से आरम्भ करने को कहा। मुख्य सचिव द्वारा सभा को अवगत कराया गया की ७०% वन क्षेत्र के बाद शेष बचे क्षेत्र मे वर्तमान मे मान्य ग्रीन ट्रयूबनल व मान्य हाई कोर्ट के आदेशानुसार अनुमतियो मे आई अड़चनों के कारण अनिश्चितता के चलते चल रहे औघोगिक एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों व नये लगने वाले प्रतिष्ठानों के भविष्य उंघमियो को अंधकार मे लग रहे है। इस लिये प्रदेश को विकास हेतू स्पेशल केन्द्रिय पैकेज की अाव़श्यकता है। प्रमुख सचिव औघोगिक विकास श्रीमती मिनिषा पंवार द्वारा प्रदेश मे वर्तमान मे उघोग की स्थिति व भविष्य मे औघोगिक विकास की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने अवगत कराया कि ईज आफ डूयीगं बिसनेस मे उतराखंड देश के २३ वे पायदान से गत वर्ष ९ वे स्थान पर पहुँच गया। जिसकी सभी ने प्रसन्नता ज़ाहिर की व चेयरमेन नीति आयोग द्वारा प्रदेश को शुभकामनायें दि। विभिन्न हिमालयायी क्षेत्रों के औघोगिक संगठन PHD, CII, ASSOCHAM, UIA आदि के प्रतिनिधियों ने एक स्वर मे पर्वतिये क्षेत्र के विकास के लिये पूर्व की भॉति स्पेशल पैकेज जिसमें Excise, Income-tax exemption, Transport उपादान , केन्द्रिय ट्रेड टैक्स की माफ़ी आदि की मॉग रखी। UIA के पंकज गुप्ता ने पर्यटन के विकास को तेज़ी से गति देने के लिये आक्रशक व मनोरंजक केन्द्रों के खुलवाने हेतू स्पेशल इन्सेन्टिव देने की वकालत की । पी० एच ०डी० उतराखड के कोचेयरमैन राजीव घई ने उतराखड के दूरस्थ स्थानों से लगातार माईग्रेशन होने को प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या के समाधान को प्राथमिकता देने के लिये अधिक रोज़गार सर्जन वाली योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहॉ। श्री घई ने पर्यटन व पर्यटकों को मुख्य आधार मान कर कृषि, बाग़वानी, उघोग के विकास को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने उद्घाहरण देते हुये कहा कि चार घाम व अन्य पर्यटक रूटों पर कृष्को को गुलाब की खेती करवाते हुये हर क्लस्टर मे एक्स्ट्कशन प्लांट लगवाये जाये जिसमें गुलाब का तेल जो की बहुत क़ीमत का है के साथ गुलकंद बनाया जाये जिस को या उससे निम्रित मिठाई को चार घाम के प्रशाद के रूप मे धामों के मान्य महंतो की सहमति से बनाया जाये तो यह कृष्को की आय के साथ साथ रोज़गार सृजन करेगा जिसके लिये स्किल डव्लपमेन्ट सेन्टर खोलते हुये युवाओं को ट्रेनिंग दिये जाने से विकास को गति मिलेगा। इसी तरह के अन्य उघोग जिससे कृषि, बाग़वानी , आयुष को जोड़ते हूये स्थापित किये जाने चाहिये जिन के उत्पादों को पर्यटक देवभूमि की यादगार व प्रशाद के रूप मे ले कर जाये। एसे प्रोजेक्टो को प्राथमिकता देते अधिक सुविधा देने का अनुरोध किया जिसे केन्द्रिय सचिव औधौगिक विकास ने सराहना की व डिटेल रिपोर्ट बनाकर देने को कहा। राजीव घई ने CGST को नये उघोगो व विस्तार करने वाले उघोगो को ५ वर्ष के लिये माफ़ करने। मेगा इन्फ़्रा प्रोजेक्ट को थर्स्ट एरिया मे रखते हुये उन्हे रियायते दि जानी चाहिये। सभी वर्तमान मे कार्यरत उघोगो को १% केन्द्रिय ट्रेड टेक्स अनुसार कर बिना इन्वेस्टमेंट को आधार मान कर लगाया जाना चाहिये व उसी अनुसार CGST मे भी १% tax लगना चाहिये। पीएचडी के राजीव घई ने एक विस्तृत रिपोर्ट कमेटी के अघ्यक्ष को प्रस्तुत की। अघ्यक्ष द्वारा अगले १५ दिनों मे यदि कोई सुझाव रह गये है उन्हे भेजने के लिये कहा है। केन्द्र सरकार हिमालयी प्रदेशों के विकास के लिये औघोगिक पैकेज देनेमे काफ़ी इच्छुक है । सभी उंघमि फिर से क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद से उत्साहित हो गये है। बैठक मे उतराखड से मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, निर्देशक उघोग, UIP से पंकज गुप्ता, अनिल गोयल, CII से विकास गर्ग, सिडकुल एसोसियेशन हरिद्वार हरिन्द्र गर्ग व पीएचडी उतराखड से राजीव घई उपस्थित रहे।

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